आज का थोड़ा कुछ कल का बहुत कुछ बन सकता है

हम सबकी इच्छा होती है कि हम अपने जीवन में कुछ ऐसा करें कि लोग हमारी तारीफ करें। लोग हमारे जीवन से, हमारे विचारों से प्रेरित हो।

आज का थोड़ा कुछ कल का बहुत कुछ बन सकता है...।

 ''सब की एक चाहत होती है कि कुछ करना है।''


 'कुछ करने' के लिए कुछ करना पड़ता है।

 'कुछ करना' शब्द ही ऐसा है जो हमें भविष्य की राह प्रदान करता है और सपने संजोये रखता है।

 अगर हम कुछ करने का बीज आज ही बो दें तो हम अपनी लगन तथा मेहनत से इस बीज से फूटे अंकुर को एक बङा वृक्ष बना सकते हैं। ऐसा वृक्ष जो बहुतों के लिए फलदायी होगा और निरंतर फलता रहेगा।

 अगर हम आज 'थोड़ा कुछ' उचित तरीके तथा तकनीक के साथ तालमेल बिठा कर लोगों की जरूरतों एवं हितों को ध्यान में रखते हुए शुरू करते हैं वही हमारे कल के लिए बहुत कुछ बन सकता है।।




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